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भारत सरकार के इस फैसले से दुनियाभर में मची खलबली, 70 हजार करोड़ रूपए का लग सकता है झटका…

दिल्ली

भारत सरकार के इस फैसले से दुनियाभर में मची खलबली, 70 हजार करोड़ रूपए का लग सकता है झटका…

दिल्लीः भारत में जहां अभी तीन कृषि बिल का मुद्दा सहीं तरह से खत्म भी नहीं हुआ है। केंद्र के अब एक और बड़े फैसले ने दुनियाभर को हिला दिया है। मुद्दा है क्रिप्टो करेंसी का। जी हां भारत सरकार क्रिप्टो करेंसी पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में इस बारे में बिल लेकर आ रही है। ऐसी खबरें आते ही सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी धड़ाम हो गईं। ज्यादातर में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि अगर भारत में क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर दिया गया, तो उन लोगों का क्या होगा, जो इसमें भारी-भरकम निवेश कर चुके हैं।

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भारतीय एक्सचेजों पर क्रिप्टोकरेंसीज में भारी गिरावट देखी गई। बुधवार सुबह 10.20 के आसपास wazirx.com पर बिटकॉइन करीब 11 फीसदी की गिरावट के साथ 40,40,402 रुपये पर, Shiba Inu (SHIB) करीब 17 फीसदी की गिरावट के साथ 0.002900 रुपये पर, टीथर (USDT) करीब 12 फीसदी की गिरावट के साथ 70.50 रुपये पर, ETH (Ethereum) करीब 9 फीसदी की गिरावट के साथ 3,03,849 रुपये पर और डॉजकॉइन करीब 11 फीसदी की गिरावट के साथ 15.83 रुपये पर चल रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जितने लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया है, वो भारत की आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हैं। इन निवेशकों ने करीब 70 हजार करोड़ रुपये वर्तमान में दुनियाभर में प्रचलित कई तरह की डिजिटल करेंसी में लगाए हुए है। ऐसे में अगर सरकार भारत में क्रिप्टो पर बैन लगाने का फैसला करती है तो 70 हजार करोड़ रुपये लगा चुके भारतीय निवेशकों के लिए तगड़ा झटका होगा।

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बता दें कि 2009 में लॉन्च किए जाने के बाद साल 2013 तक सिर्फ बिटक्वाइन ही एकमात्र डिजिटल करेंसी चलन में थी। लेकिन अब दुनियाभर में सात हजार से ज्यादा अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी चलन में हैं। हालांकि दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा अभी भी बिटक्वाइन बनी हुई है और इसके बाद इथेरियम का नंबर आता है।  सभी क्रिप्टो करेंसी पर सख्ती के लिए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में ‘द क्रिप्टो करेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिसियल डिजिटल करेंसी बिल 2021’ (The Cryptocurrency & Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021) लाएगी. क्रिप्टो करेंसी तकनीक के इस्तेमाल में राहत देने के लिए ही सरकार इस बिल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से सरकारी डिजिटल करेंसी चलाने के लिए फ्रेमवर्क का प्रावधान रखेगी। इस बिल को लेकर लोकसभा बुलेटिन में सरकार की ओर से जानकारी दी गई है।

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