Connect with us

Taliban संकट: अफगानिस्तान से लौटे दूनवासियों ने सुनाई दिल दहला देने वाली आपबीती, पढ़े कैसे बिताए दिन…

देहरादून

Taliban संकट: अफगानिस्तान से लौटे दूनवासियों ने सुनाई दिल दहला देने वाली आपबीती, पढ़े कैसे बिताए दिन…

देहरादून: अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से ही हालात बिगड़ गए है। इसे देखते हुए भारत सरकार वहां फंसे हुए भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस ला रहीं हैं। इसी कड़ी में अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों में से 60 लोग अब तक दून लौट चुके हैं। इनमें से 16 लोग रविवार देर रात ठाकुरपुर (प्रेमनगर) पहुंचे। इनमें से कुछ डेनमार्क की एक कंपनी में सुरक्षाकर्मी थे। जबकि, कुछ लोग दूसरी अन्य कंपनियों में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्य करते थे।इनमें से ज्यादातर पूर्व सैनिक हैं। दून लौटे लोगों ने अपनी आप बीती बताई है कि किस तरह वह मौत के मुंह से निकल कर आए हैं। वहीं अपनों से मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे परिजनों ने फूलों की बरसात की। इस दौरान परिजन भी भावुक हो गए।

बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद दून के कई लोग अफगानिस्तान में फंसे हैं, जिनके घर लौटने का सिलसिला जारी है। दून के अलग-अलग क्षेत्रों के 60 लोग दिल्ली तक फ्लाइट पर आए। यहां से बस से सीधे श्यामपुर स्थित एक वैडिंग प्वाइंट में पहुंचे। यहां स्वागत के लिए परिजन पहले से ही जमे हुए थे। जैसे ही अफगानिस्तान से लौटे लोग बस से उतरे, परिजनों ने उन पर फूलों की बारिश की।अफगानिस्तान से लौटे लक्ष्मीपुर निवासी नितेश क्षेत्री ने बताया कि उनको भी अपने साथियों के साथ अफगानिस्तान में घास और पत्तल के ऊपर सो कर तीन रातें गुजारनी पड़ीं। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से अफगानिस्तान में तालिबान का कब्ज़ा होने के बाद से अब तक हम नहाए तक नहीं। जो जहां था खाली हाथ लौटा, बदलने के लिए कपड़े तक नहीं है। शरीर से बदबू आ रही है। बताया कि डेनमार्क दूतावास के अधिकारियों ने हमारी मदद की है। हमें स्कॉट के माध्यम से एक होटल में लाया गया। यहां तीन रातें गुजारीं। होटल में खाने-रहने की तक व्यवस्था नहीं थी।

यह भी पढ़ें 👉  Big Breaking: पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने दलबदल की राजनीति पर दिया बड़ा बयान, इन लोगों से की मुलाकात...

वहीं रण बहादुर पुन ने बताया कि अफगानिस्तान में हालात ठीक नहीं है, जब तक हम वहां फंसे रहे तो लगा कि अब वतन लौटना मुश्किल हो जाएगा। जिस होटल में हम ठहरे हुए थे, वहां बाहर गोलीबारी हो रही थी, सड़कों पर तालिबानी घूम रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे कल की सुबह नहीं देख पाएंगे। हम खुशकिस्मत हैं कि भारत की धरती पर पैदा हुए हैं। अफगानिस्तान के लोगों का जीवन सुरक्षित नहीं है। वहां के हालत देखकर ऐसा लगता था कि अब कल की सुबह नहीं देख पाएंगे। शनिवार रात फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। यहां कोरोना टेस्ट कराने के बाद हमें बस से देहरादून भेजा गया।वहीं अफगानिस्तान से देहरादून लौटे अजय छेत्री ने कहा कि हमने तालिबानियों को 60 हजार डॉलर नहीं दिए होते तो शायद आज जिंदा नहीं होते। वहीं रण बहादुर पुन ने बताया कि अफगानिस्तान में हालात ठीक नहीं है, जब तक हम वहां फंसे रहे तो लगा कि अब वतन लौटना मुश्किल हो जाएगा। जिस होटल में हम ठहरे हुए थे, वहां बाहर गोलीबारी हो रही थी, सड़कों पर तालिबानी घूम रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे कल की सुबह नहीं देख पाएंगे। हम खुशकिस्मत हैं कि भारत की धरती पर पैदा हुए हैं। अफगानिस्तान के लोगों का जीवन सुरक्षित नहीं है। वहां के हालत देखकर ऐसा लगता था कि अब कल की सुबह नहीं देख पाएंगे। शनिवार रात फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। यहां कोरोना टेस्ट कराने के बाद हमें बस से देहरादून भेजा गया।

यह भी पढ़ें 👉  Big Breaking: देहरादून में दिन दहाड़े 15 वर्षीय छात्रा की हत्या, आरोपी ने बोला...

Latest News -
Continue Reading
Advertisement

More in देहरादून

Advertisement

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

देश

देश
Our YouTube Channel

ट्रेंडिंग खबरें

Recent Posts

To Top
0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap