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वाह: वेटर बनके चीन गया पहाड़ का बेटा, ऐसे चमके सितारे

उत्तराखंड

वाह: वेटर बनके चीन गया पहाड़ का बेटा, ऐसे चमके सितारे

वाह: वेटर बनके चीन गया पहाड़ का बेटा, ऐसे चमके सितारे

UT- पहाड़ के गांव केमरसौड़ से महज 10 वीं तक की पढ़ाई करने के बाद रोजगार के तलाश में दिल्ली आ गए द्वारिका प्रसाद रतूड़़ी ने कई साल तक चार सौ रुपये महीना पगार पर नौकरी की। डेयरी में गाय-भैसों को नहलाया, घर घर दूध बेचा। होटल में कुर्सी टेबल साफ किए और वेटर की नौकरी की। लेकिन अपने मन के बड़े सपनों को न तो मरने दिया और न ही छोटा होने दिया।

आज 24 साल की तपस्या के बाद गांव का सीधा-सीधा द्वारिका प्रसाद रतूड़ी पड़ोसी देश चीन में एक जाना माना होटल व्यवसायी देव रतूड़ी बन चुका है। चीन में रेडफोर्ट इंडियन रेस्तरां नाम से चार नामी होटल और अंबर नाम से तीन मशहूर रेस्तरां की चेन है। यही नहीं चीनी फिल्मों के साथ साथ इस वक्त देव हॉलीवुड की फिल्मों में भी दस्तक दे चुके हैं।

लंबे समय बाद चीन से उत्तराखंड आए देव ने अपने जीवन संघर्ष की कहानी आपके प्रिय अखबार हिन्दुस्तान के साथ साझा की। घोर गरीबी से वैभव के चकाचौंध तक पहुंचने की देव की कहानी किसी बॉलीपुड की फिल्मी कहानी जैसी ही है।

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देव बताते हैं कि  1995 में दिल्ली में एक डेयर में 400 रुपये से नौकरी शुरू की। 1998 में मुंबई अपने भाई के पास चले गए। भाई  बालीवुड के चरित अभिनेता पुनीत इस्सर के ड्राइवर थे। कुछ समय बाद वर्ष 2005 में चीन के शियान शहर में होटल वेटर की नौकरी करने का मौका मिला और चले गए। चीनी भाषा सीखी तो वहां होटल में तरक्की के विकल्प खुल गए। इसी दौरान वर्ष 2013 तक जर्मन रेस्त्ररा और अमेरिकन रेस्तरां में मौका मिला और अब तक वेतन तीन लाख रुपये तक पहुंच गया।

देव बताते हैं कि वर्ष 2013 में शियान में बन रहे एक मॉल में भारतीय रेस्त्ररा खोलने का मौका मिला। पैसा था नहीं तो पुराने मालिक रामकुमार यादव से सहयोग मांगा। उन्होंने भी बड़ा दिल दिखाते हुए फाइनेंस कर दिया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस वक्त शियान में रेडफोर्ट रेस्त्ररां जानमाना भारतीय रेस्त्रां है। आज वहां इस नाम से वहां चार रेस्तरां हैं। इसके बाद अंबर नाम से तीन और रेस्तरां भी खोले।

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नाम-  देव रतूड़ी (द्वारिका प्रसाद रतूड़ी)
गांव-  केमरिया सौड़, टिहरी गढ़्वाल
शिक्षा-  चमियाला इंटर कालेज से हाईस्कूल
संपत्ति-  चीन में रेडफोर्ट और अंबर नाम से सात रेस्टोरेंट की चेन

देव बताते हैं कि वर्ष 1998 में मुंबई जाने पर पुनीत इस्सर से जुड़ने का मौका मिला। देव के बडे़ भाई पुनीत के ड्राइवर थे। फिल्मों में अभिनय का शौक था तो पुनीत के करीब आ गए। एक दिन अप्रत्याशित रूप से इस्सर जी एक रोल ऑफर किया। मैंने पूरी तैयारी की। डायलॉग याद किया और जैसे ही कैमरे के सामने आया तो हालत खराब हो गई। अभिनय करना आसान काम नहीं है, यह तब समझ आया। लेकिन चीन में मौका मिला फिल्मों में काम करने का। चूंकि अब स्थितियां बदल चुकी थी। बकौल देव, चीन की कई फिल्मों में काम किया है। हॉलीवुड की आयरन स्काई फिल्म में भी मौका मिला है। यह फिल्म जल्द रिलीज होगी। चीन की एक बड़ी फिल्म रिपब्लिक ऑफ चायना एजेंट भी वर्ष 2020 में रिलीज होगी। एक बिग हार्बर नाम से टीवी सीरीज भी जल्द टेलीकास्ट होगी।

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उत्तराखंड में 500 करोड़ के निवेश का इरादा

देव बताते हैं कि वो और उनके कुछ मित्रों ने भारत में निवेश का निर्णय किया है। करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ बात हेा चुकी है। हिमाचल भी काफी इच्छुक हैं। उतराखंउ का होने की वजह से मेरी इच्छा है कि निवेश यहीं हो। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। बीते रोज देव ने इस सिलसिले में पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर से भी मुलाकात की। अक्टूबर में चीन के कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल दून आएगा।

 

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