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Big Breaking: फर्जीवाड़े के करोड़ो के खेल में उत्तराखंड की इस बड़ी कम्पनी के निदेशक और प्रबंधक गिरफ्तार…

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Big Breaking: फर्जीवाड़े के करोड़ो के खेल में उत्तराखंड की इस बड़ी कम्पनी के निदेशक और प्रबंधक गिरफ्तार…

कोटद्वार: अगर पैसे कमाने के सौ तरीके हैं तो जालसाजी और ठगी के हजार। जीएसटी में टैक्स चोरी का बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। वाणिज्य कर विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ हैं। विभागीय टीम ने मैसर्स पोद्दार इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कोटद्वार के निदेशक और प्रबंधक को मेरठ से गिरफ्तार किया है। वह काफी समय से फरार थे। कार्रवाई 16.64 करोड़ रुपये के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लाभ उठाने के मामले की गई। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

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बता दें कि डीजीजीआई मेरठ जोनल यूनिट के अधिकारियों ने एक साथ विभिन्न स्थानों पर छापे मारे। जांच की तो सभी फर्में फर्जी और अस्तित्विहीन पाई गई। सर्च ऑपरेशन के दौरान अफसरों ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के कारोबार में धोखाधड़ी करने वाली फर्मों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। मैसर्स पोद्दार इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कोटद्वार द्वारा बिना माल की आवाजाही के सिर्फ फर्जी बिलों के माध्यम से बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट लेना पाया गया। अधिकारियों के अनुसार इन फर्मों के अस्तित्व विहीन पाए जाने के आधार पर कार्रवाई करते हुए डीजीजीआई मेरठ टीम ने मैसर्स पोद्दार इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कोटद्वार के निदेशक आस मोहमद और प्रबंधक विभु ग्रोवर को सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 132 (1)(सी) के तहत गिरफ्तार करने का दावा किया। आरोपियों ने डीजीजीआई मेरठ जोनल यूनिट के अधिकारियों के समक्ष 23 अगस्त 2021 को पेश होकर माल की आवाजाही के बिना 26 फर्जी एवं अस्तित्व विहीन फर्मों द्वारा जारी फर्जी इनवॉइस के माध्यम से 16.64 करोड़ रुपये के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लाभ उठाने के अपने अपराध को स्वीकार किया।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फर्जी फर्में मात्र बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट को पास करने के लिए बनाई गई थी। कभी भी इन फर्मों से माल का कोई लेनदेन नहीं हुआ। इस प्रकार मैसर्स पोद्दार इस्पात प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 16.64 करोड़ रुपये के टैक्स का गबन किया गया है। जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति पहुंची है। आपको बता दें कि जालसाज बड़े पैमाने पर फर्जी टैक्स इनवॉइस तैयार करते हैं। इसके बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करते हैं। फर्जी कंपनियां को सिर्फ कागजों में बनाते हैं। कंपनियों का कहीं कोई ऑफिस नहीं होता है।

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