Connect with us

कोविड: तीसरी लहर की चेतावनी, स्कूल अभी भी जारी, ख़तरा बरकरार…

देहरादून

कोविड: तीसरी लहर की चेतावनी, स्कूल अभी भी जारी, ख़तरा बरकरार…

देहरादून: देश भर में जहां एक तरफ जहां कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है। पीएमओ ने भी चेतावनी जारी की है बच्चों के लिए तीसरी लहर खतरनाक हो सकती है। तो वहीं इन सबके बीच उत्तराखंड सहित कई राज्यों में एक बार फिर स्कूल खोले गए हैं। उत्तराखंड में स्कूल खोलने का मामला हाई कोर्ट में चल रहा है तो वहीं राज्य सरकार ने बच्चों और शिक्षकों से कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने को कहा गया है लेकिन, अब सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या बच्चों के लिए ऐसे समय में स्कूल खोलना खतरनाक तो साबित नहीं होगा ?

बता दें कि सितंबर से अक्टूबर के बीच किसी भी समय देश में कोरोना की तीसरी लहर दस्‍तक दे सकती है। वहीं, महामारी की मैथमैटिकल कैलकुलेशन (फॉर्मूला मॉडल) के आधार पर पूर्वानुमान लगाने वाली टीम में शामिल वैज्ञानिक ने सोमवार को चेतावनी देते हुए कहा कि कोरोना की तीसरी लहर नवंबर में चरम पर होगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस दौरान रोजाना कोरोना के 1.5 लाख तक नए मामले सामने आएंगे। इसके पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) ने तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की थी, जिसमें सितंबर से अक्टूबर तक कभी भी कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई गई थी। हालांकि उत्तराखंड में अब अस्पताल में पहले के मुकाबले कोरोना के मामले कम आ रहे हैं। कोरोना कई हद तक कम हो गया है। हालांकि, कोरोना की तीसरी लहर अभी भी चिंता का विषय हैं। तीसरी लहर की संभावना के बीच स्कूल खोलना कहीं न कहीं खतरनाक हो सकता है। क्योंकि अगर कोरोना प्रोटोकॉल (मास्क लगाना, सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन नहीं किया गया तो मुसीबत खड़ी हो सकती है। इसके लिए बचाव ज़रूरी हैं। कोरोना से सावधानी और बचाव से बचा जा सकता है। हालांकि राज्य में तीसरी लहर को लेकर अस्पतालो में तैयारियां जारी हैं। बच्चों के लिए प्रदेश भर के अस्पतालों में सैकड़ो ईसीयू (ICU) और स्पेशल वार्ड बनाए गए हैं।

वहीं इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के प्रमुख बलराम भार्गव भी एहतियात के साथ प्राइमरी स्कूल और फिर सेकेंडरी स्कूल खोले जाने का सुझाव दे चुके हैं लेकिन, अभिभावकों में इसे लेकर अभी भी डर बरकरार है। उनका कहना है कि ऐसे समय में बच्चों का भीड़ के बीच जाना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। बच्चों को मास्क लगाने की आदत नहीं होती और सोशल डिस्टेंसिंग की भी उनमें इतनी समझ नहीं है। सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि बच्चों को अभी तक कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगाई गई है।

Latest News -
Continue Reading
Advertisement

More in देहरादून

Advertisement

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

देश

देश
Our YouTube Channel

ट्रेंडिंग खबरें

Recent Posts

To Top
4 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap