Connect with us

BREAKING: उत्तराखंड की प्रसिद्ध बग्वाल में 75 लोग हुए घायल, घायलों में रणबांकुरे और पत्रकार शामिल…

चंपावत

BREAKING: उत्तराखंड की प्रसिद्ध बग्वाल में 75 लोग हुए घायल, घायलों में रणबांकुरे और पत्रकार शामिल…

चंपावत: उत्तराखंड में रक्षाबंधन पर्व पर चंपावत के मां बाराही धाम में प्राचीन परंपरा अनुसार प्रसिद्ध बग्वाल खेली गई। बग्वाल का अर्थ पत्थर युद्ध से है। कोरोना नियमों का पालन करते हुए आज पूजा अर्चना के बाद करीब आठ मिनट तक बग्वाल खेली गई। इस दौरान 75 लोग घायल हो गए हैं। घायलों में अधिकतर रण बाँकुरे, कुछ दर्शक और कवरेज कर रहे पत्रकार शामिल रहे।

बता दें कि देवीधुरा के प्रसिद्ध मां बज्र बाराही धाम में प्राचीन काल से चले आ रहे बग्वाल मेले की तैयारियां पिछले हफ्ते से ही चल रही थी। बग्वाल के लिए खोलीखांड दूबचौड़ मैदान सुबह से ही सज चुका था। आज सुबह से ही मंदिर में विशेष पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया। सुबह छह बजे पीठाचार्य कीर्ति बल्लभ जोशी के नेतृत्व में वाराही धाम में विशेष अनुष्ठान संपन्न हुआ। सुबह 11:02 बजे से शंखनाद के साथ चारो खामों ने फलों की बग्वाल शुरू कर दी थी। उसके कुछ ही सेकेंड बाद वहां पत्थरो, ईटो और डंडों की बग्वाल शुरू हुई। पत्थर और ईंट लगने से रणबाँकुरे सहित 75 लोग घायल हो गए। सभी घायलों का नजदीकी अस्पताल में उपचार कराया गया। घायलों की हालत खतरे से बाहर है। सभी का उपचार कर दिया गया है।

बता दें कि छह साल पूर्व तक यहां चार खामों के योद्धाओं के बीच पत्थर युद्ध होता था। पत्थरों की मार से घायल लोगों का रक्त एक व्यक्ति के बराबर बह जो के बाद मंदिर के पुजारी शंखनाद कर युद्ध रोक देते थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब यहां पत्थर युद्ध के बजाय फल और फूलों से बग्वाल खेली जाती है। हालांकि परंपरा को कायम रखने के लिए योद्धा अभी भी फल और फूलों के साथ सांकेतिक रूप से एक दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं।

Latest News -
Continue Reading
Advertisement

More in चंपावत

Advertisement

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

देश

देश
Our YouTube Channel

ट्रेंडिंग खबरें

Recent Posts

To Top
2 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap